Social Bookmarking कैसे करे 2021

Website Submission और Social Bookmarking दोनों अलग तो है, ही लेकीन इनका Concept भी पूरी तरह अलग है, इसके साथ ही off-page SEO के अंदर इनका काम भी. जहाँ Socially Bookmark किये गए Links, Pages, Post, और Websites Web 2.0 linkbuilding के अंदर आते है. वो links Do-Follow या No-Follow ये पूरी तरह निर्भर करेगा उस Website पर जहाँ आप अपने links को Bookmark कर रहे हो. जादातर वक्त ये नो-फॉलो ही होती है.

अब आप सोच रहे होंगे की Bookmarking करने के Advantages और Disadvantages क्या है. और किस तरह ये हमारी वेबसाइट को Grow करने का काम करेगी. तो पूरी Detail में जानते है Social Bookmarking के फायदों और नुकसान के बारे में.

सोशल बुकमार्किंग क्या होती है?

Social Bookmarking एक ऐसी technique है, जिसे अगर सही तरह से इस्तमाल करा जाये तो आपके वेबसाइट को एक Rocket Boost दे सकती है. और अगर गलत तरीके से भी करो तो भी जादा कुछ नुकसान नही है. बल्कि benefit ही है. पर जिस तरह हर एक technique के कुछ फायदे होते है, वैसे ही कुछ नुकसान भी. वैसे ही इसके भी है जिसके बारे में भी हम जानने वाले है.

पर पहले जान लेते है की आखीर Social Bookmarking Concept आया कहाँ से. जैसे की हम सभी जानते है, की पुराने समय में जहाँ लोग books को पढा करते, तो कभी कभी वो book चार से आठ दिन तक खत्म नही होती थी, ऐसे मे उन्होंने उस किताब को पहले दिन जिस page तक पढा है, वहां पर एक Reminder (Mark) लगा दिया जाता था.

तो उस Book का Book और उस page मार्क का Mark. दोनों को एक जगह जोड कर Bookmark कर दिया गया. जिसका सीधा मतलब होता है, की कोनसे page को पढना है, और कहाँ से उसे याद रखना. और आज भी इसका यही मतलब होता है. पर थोडा अलग तरीके से.

Social Bookmarking कैसे करें?

Social Bookmarking करने की एक खास तकनीक होती है, जिसे follow करते हुए आप अपने बुकमार्क किये गए links के जरिये अपने वेबसाइट पर जादा genuin traffic को ले जा (Drive) सकते हो. और उसके लिए आपको Basic points को Calculate करना होता है.

  • एक सही Social Bookmarking website को धुंडना होगा.
  • बुकमार्क करने के समय Title, Description और Hash-Tags मे कुछ Researched Keywords का इस्तमाल करना होगा.
  • link को बुकमार्क करने बाद जो link बनती है. उसे ping करना है.
  • हो सके तो एक दो Backlink भी बना दे.
  • उस साईट पर के Popular accounts को hashtag मे इस्तमाल करे.
  • हो सके तो Bookmarking के बाद बनी link को अपने दुसरे Social Accounts पर share करे.
  • और एक महत्वपूर्ण बात रेगुलर Bookmarking करते रहे.

इन सभी points को अगर आप follow करते हो. तो आपके link को Boost मिलेगा और आपके वेबसाइट के articles को पढने के लिए जादा readers आने लगेंगे. पर हर अच्छी चीज कर तरह इसके भी कुछ फायदे है, तो कुछ नुकसान भी जो निचे लिखे है.

Social Bookmarking Advantages and Disadvantages

Social Bookmarking के फायदों के बारे मे तो हम सभी जानते ही है. पर इसके कुछ नुकसान भी है, जिनके बारे मे जानना आपको बहोत जरुरी होगा. क्युंकी यही वो मुख्य points है. जिनकी जानकारी आपको होगी, तो आप अपनी वेबसाइट को और बेहतर बना पाएंगे.

Bookmarking के Advantages

  • Social Platforms से जादा यूजर Attension मिलता है.
  • यूजर Traffic भी बदती है.
  • जिसकी वजह से Revenue भी increase होता है.
  • लोग आपके वेबसाइट/ब्लॉग के बारे मे अच्छी बाते करना शुरू करते है.
  • इसकी वजह से आपका लिखा हुवा ब्लॉग जाने अनजाने लोगों तक भी पोहचता है.

Bookmarking के Disadvantages

  • हम हमारे articles को जादा से जादा लोगों तक पोहचाने के चक्कर मे उसे गलत तरीके से की गयी Bokkmarking के जरिये, ऐसे लोगों तक भी पोहचा देते है. जिन्हें हमारे topic में कोई Interest नही होता. नए पण के लिए कहलो या गलती से वो हमारे link पर क्लिक तो करते है. पर तुरंत ही हमारे ब्लॉग / वेबसाइट की window को Exit कर देते है. जिससे overall साईट का exit rate बढ़ता है. जिसकी बदोलत हमारे वेबसाइट की Search Engine मे Ranking Down होने लगती है.
  • इसी तरह ऐसे लोग आपके वेबसाइट पर आते है. एक ही (ऐ ड) पर बार बार क्लीक कर देते है. जिससे (–)sense मे CTR बढता है. जिसके बाद आप तो जानते ही है. क्या होता है.
  • और अगर आप गलती से किसी ऐसी जगह अपने वेबसाइट के articles को bookmark कर देते है. तब तो यकीनन आपके वेबसाइट की ranking तो down होगी ही होगी.

ये सभी Advantages और Desadvantages तो है. लेकिन हम अपने सोशल बुकमार्किंग इसके अलावा इसे SEO को boost देने के लिए भी करते है. (SEO Friendly Articles कैसे लिखे?)

Social bookmarking for SEO

SEO (Search Engine Optimization) हमारी वेबसाइट को सर्च इंजन मे Ranking और Organic Traffic को बढाने के लिए करते है. पर SEO को भी हमे हर एक Possiable way से improve करना पड़ता है. तभी ये असरदार साबित होती है. और हम इस Social bookmarking technique का इस्तमाल इसी Off-Page seo को एक तरह से Boost करने के लिए करते है.

यह एक लेयर की तरह काम करता है. जो दूसरी seo techniques के base के तौर पर काम करती है. जैसे हम Directly अपनी orignal link पर Multiple / Random Backlinks को नही बना सकते है. पर हम Bookmarking करने के बाद जो link बनाते है. उसपर हम कितने भी Backlinks बना सकते है. इससे benifit थोडा कम होगा पर नुकसान बिलकुल भी नही होगा.  बल्कि seo को boost मिलेगा, और indrectly आपकी ranking improve होगी. (On-Page SEO)

Bookmarking के लिए Free Tools

अब ये Possiable तो नही है. खुद से एक ही समय मे अलग अलग sites पर आपके वेबसाइट के Multiple Articles को bookmark कर सको. और ऐसे मे ही हमे ये Bookmarking Tools मदत मे आते है. internet पर हमे ऐसे बहोत सारे Free Blogging Tools मिल जाते है. जिनका इस्तमाल करते हुए हम अपने Articles को Socialy bookmark कर सकते है.  Only wire, और Social adr जैसे tools आपकी मदत कर सकते है. (Technical SEO)

Bookmarking करने के लिए वेबसाइट

Social Bookmarking करनी है, तो Bookmarking Sites भी तो पता होना चाहिए ना. चलिए कोई tension नही है, हम आपको ऐसी ही कुछ बेहतरीन sites के बारे में बता ते है. जहाँ आप बेझीजक bookmark कर सकते हो.

  • Scope it
  • Stumble upon
  • livebinders
  • Pinterest
  • Digo
  • Delicious

ये तो बस कुछ ही है. ऐसे ही बहोत सारे Social bookmarking platforms आपको Internet पर मिल जाएँगे bookmarking करने के लिए. तो ये थे कुछ सोशल बुकमार्किंग करने के तकनीक जिससे आपको आगे किसी से भी पूछने की जरुरत नही पडेगी की Social Bookmarking कैसे करे?

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